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भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव- पूर्व अमेरिकी अधिकारी जॉन केरी ने ट्रंप की नीति पर उठाए सवाल

भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव- पूर्व अमेरिकी अधिकारी जॉन केरी ने ट्रंप की नीति पर उठाए सवाल

केरी ने कहा- ओबामा प्रशासन के समय सहयोग और सम्मान से निर्णय होते थे, अब दबाव और टकराव बढ़ा है

वाशिंगटन। पूर्व अमेरिकी अधिकारी जॉन केरी ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने और बिगड़ते द्विपक्षीय संबंधों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की है। केरी ने कहा कि कूटनीतिक प्रयासों के बिना अल्टीमेटम देना किसी भी देश की महानता का संकेत नहीं है और भारत-अमेरिका के रिश्तों में वर्तमान तनाव अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

केरी ने यह भी कहा कि ट्रंप और पीएम मोदी के बीच टकराव सही नहीं है। बड़े राष्ट्र अपनी शक्ति का प्रदर्शन केवल आदेश और दबाव देकर नहीं करते, बल्कि कूटनीतिक प्रयासों और बातचीत के माध्यम से समझौते तक पहुंचते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि ओबामा प्रशासन के दौरान सहयोग और सम्मान के आधार पर निर्णय लिए जाते थे, जबकि अब दबाव और टकराव अधिक नजर आ रहा है।

केरी ने आशा जताई कि भारत और अमेरिका मिलकर व्यापार विवाद सुलझा लेंगे। उन्होंने भारत की पेशकशों की सराहना करते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक बदलाव है।

इससे पहले, व्हाइट हाउस के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी जॉन बोल्टन ने भी ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि रूस से तेल खरीदने पर भारत पर टैरिफ लगाया गया, जबकि चीन पर नहीं, जिससे भारत चीन-रूस गठबंधन की ओर जा सकता है।

अमेरिकी विदेश नीति विशेषज्ञ क्रिस्टोफर पैडिला और अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स ने भी इस टैरिफ नीति की आलोचना की है। पैडिला ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका संबंधों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है और जेफरी सैक्स ने इसे अमेरिकी विदेश नीति में सबसे गलत कदम करार दिया।

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