Flash Story
देहरादून रोड सेल्फी प्वाइंट पर हादसा, 200 फीट गहरी खाई में गिरा युवक; SDRF ने बचाई जान
देहरादून रोड सेल्फी प्वाइंट पर हादसा, 200 फीट गहरी खाई में गिरा युवक; SDRF ने बचाई जान
अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया निरीक्षण, तत्काल सुरक्षात्मक कार्य के दिए निर्देश
अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया निरीक्षण, तत्काल सुरक्षात्मक कार्य के दिए निर्देश
जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं जल्द पूरी करें, लापरवाही पर सख्त डीएम
जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं जल्द पूरी करें, लापरवाही पर सख्त डीएम
शिक्षा विभाग में एनईपी-2020 क्रियान्वयन के 71 लक्ष्य पूर्ण- धन सिंह रावत
शिक्षा विभाग में एनईपी-2020 क्रियान्वयन के 71 लक्ष्य पूर्ण- धन सिंह रावत
नाबालिक बालक के साथ अश्लील हरकत कर गलत काम करने वाले प्राचार्य को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
नाबालिक बालक के साथ अश्लील हरकत कर गलत काम करने वाले प्राचार्य को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें: मुख्यमंत्री
कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें: मुख्यमंत्री
1 अगस्त से नैनीताल मॉल रोड बनेगा ‘नो हॉर्न ज़ोन’, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
1 अगस्त से नैनीताल मॉल रोड बनेगा ‘नो हॉर्न ज़ोन’, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री धामी ने लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास
मुख्यमंत्री धामी ने लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास
राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने मुख्यमंत्री धामी से की शिष्टाचार भेंट
राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने मुख्यमंत्री धामी से की शिष्टाचार भेंट

प्रदेश बन रहा फार्मा हब, विस्तार में जुटी हैं फार्मा कंपनियां, गुणवत्तापूर्ण दवाओं का हो रहा निर्माण- दवा निर्माता

प्रदेश बन रहा फार्मा हब, विस्तार में जुटी हैं फार्मा कंपनियां, गुणवत्तापूर्ण दवाओं का हो रहा निर्माण- दवा निर्माता

दवाएं नकली नहीं, तकनीकी कमियों से सैंपल हुए फेल- दवा निर्माता

उत्तराखंड की छवि को धूमिल करने की हो रही कोशिश- दवा निर्माता

देहरादून। ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने कहा प्रदेश तेजी से फार्मा हब बनने की दिशा में बढ़ रहा है। प्रदेश में फार्मा कंपनियों का विस्तार हो रहा है और यहां से निर्मित दवाएं विश्व के अनेक देशों में निर्यात की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के फार्मा हब बनने की दिशा में कुछ बाहरी प्रदेशों के लोग अडंगा लगाने का प्रयास कर रहे हैं और यहां की कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नकली दवा निर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। एसोसिएशन के मुताबिक नकली दवाओं और नॉन स्टैंडर्ड क्वालिटी (एनएसक्यू) ड्रग में अंतर होता है। एनएसक्यू दवाएं नकली नहीं होती है उनमें महज तकनीकी कमी होती है।

देहरादून स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कालानी ने बताया कि प्रदेश में पूर्ण रूप से गुणवत्तापूर्ण दवाओं का निर्माण हो रहा है। फार्मा कंपनियां दवा उत्पादन के सभी निर्धारित मापदंडों का पालन कर रही है। उनके मुताबिक अच्छी दवाएं तय मानकों और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के अनुसार बनाई जाती हैं। वहीं नकली दवाएं या तो घटिया सामग्री से बनती हैं, या उनकी जानकारी और लेबलिंग जानबूझकर गलत दी जाती है।

एनएसक्यू दवा नकली नहीं
एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कालानी ने बताया कि हर एनएसक्यू दवा नकली नहीं होती। उन्होंने कहा कि कोई भी लाइसेंस प्राप्त मैन्युफैक्चरर नकली दवाएं नहीं बनाता। उन्होंने कहा कि मीडिया एनएसक्यू में फेल दवा को नकली बताता है जो कि सही नहीं है। यह तकनीकी कमियों का मामला है। ऐसे में यदि मीडिया इस दवा को नकली बताए तो कंपनी और उसकी ब्रांडिंग पर प्रतिकूल असर पड़ता है। एसोसिएशन के सदस्य पीके बंसल ने बताया कि अधिकांश दवाएं पीएच में अंतर होने, डिसइंटीग्रेशन टेस्ट में विलंब, डिसॉलूशन टेस्ट में बदलाव या लेबलिंग की गलती से होती है। यह दवा किसी भी तरह से मरीज के लिए हानिकारक नहीं होती है। बस इसमें तकनीकी कमी होती है।

क्लाईमेट का भी होता है असर
एसोसिएशन के महासचिव संजय सिकारिया के मुताबिक हाल में जिन दवाओं के 27 सैंपल फेल होने की बात है। वह भी इन मामूली तकनीक के आधार पर ही फेल किये गये हैं। हमें 28 दिन में हायर टेस्टिंग लैब में इसकी जांच करने की अपील करनी होती है। मुख्य टेस्टिंग लैब कोलकत्ता में है। यदि वहां से भी सैंपल फेल होता है तो ही दवा को सब स्टैंडर्ड या नकली बताया जा सकता है। एसोसिएशन के सदस्य रमेश जैन के मुताबिक क्लाइमेट चेंज का असर भी दवाओं पर होता है। उनके मुताबिक कश्मीर में अलग मौसम होता है और तटीय इलाकों में दूसरा तो नार्थ-ईस्ट में अलग। दवा एक ही होती है। कैमिस्ट यदि इसे धूप में रखेगा तो इसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि दवाओं को ठंडी जगह और अंधेरे में रखने की सलाह दी जाती है लेकिन सभी कैमिस्ट इसका पालन नहीं करते।

एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कालानी ने मीडिया से अपील की कि एनएसक्यू दवाओं को नकली न कहा जाए। उन्होंने कहा कि मीडिया महज सेंटर ड्रग्स स्टेंडर्ड कंट्रोल आर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर ही दवाओं को नकली बताकर समाचार प्रकाशित या चैनल पर दिखा देते हैं इससे कंपनी की छवि और ब्रांड पर प्रतिकूल असर पड़ता है। जबकि मीडिया से यह उम्मीद की जाती है कि कोलकत्ता स्थिति सेंट्रल लेबोरिटी (सीडीएल ) से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही सही समाचार प्रकाशित किया जाएं। फार्मा कंपनी की दवाओं को एनएसक्यू के आधार पर नकली न करार दिया जाए। इससे कंपनी की ब्रांड और छवि खराब होती है।

प्रदेश सरकार दे रही हरसंभव मदद
एसोएिशन के अध्यक्ष प्रमोद कालानी ने कहा कि उत्तराखंड फार्मा हब बन रहा है। फार्मा कंपनियां लगातार विस्तार कर रही हैं। ग्लोबल इंवेस्टर्स सम्मिट के बाद फार्मा कंपनियों में निवेश को बढ़ावा दिया है। प्रदेश सरकार सहयोग कर रही है और इसके सकारात्मक प्रभाव से फार्मा सेक्टर में निवेश और रोजगार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में मौजूदा समय में 285 फार्मा कंपनी हैं और प्रदेश में देश के कुल दवा उत्पादन में 20 प्रतिशत की भागीदारी है। प्रेस कांफ्रेंस में एसोसिएशन के महासचिव संजय सिकारिया, पी के बसंल, कुलदीप सिंह, आर सी जैन, निखिल गोयल, आईपीएस चावला आदि फार्मा मैन्युफैक्चरर्स मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top