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भूस्खलन से थमी चारधाम यात्रा की रफ्तार, केदारनाथ-बदरीनाथ में ही जारी दर्शन, गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग बंद

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देहरादून : इस वर्ष मानसून सीजन ने चारधाम यात्रा पर गहरा असर डाला है। भारी बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलनों के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा पूरी तरह से बंद है। ऐसे में यात्रा अब मुख्य रूप से केदारनाथ और बदरीनाथ धामों पर ही टिकी हुई है। हालांकि यहां भी यात्रियों को भूस्खलन की चुनौती से जूझना पड़ रहा है।

गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में पसरा सन्नाटा

उत्तरकाशी जिले में आई आपदा के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री धामों का मार्ग पूरी तरह से बाधित है। श्रद्धालुओं के जयकारों से गूंजने वाले इन पवित्र धामों में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। पर्यटन विभाग के अनुसार, 30 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में अब तक कुल 42.54 लाख से अधिक तीर्थयात्री चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। लेकिन अब अधिकांश यात्री सिर्फ केदारनाथ और बदरीनाथ की ओर रुख कर रहे हैं।

भूस्खलन बना सबसे बड़ी चुनौती

केदारनाथ यात्रा में सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच कई स्थानों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिससे आवाजाही में रुकावटें आ रही हैं। बदरीनाथ मार्ग पर लामबगड़ और कमेड़ा जैसे संवेदनशील स्थानों पर मलबा गिरने से यात्रा प्रभावित हो रही है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा:”आपदा के कारण चारधाम यात्रा की रफ्तार थमी है। जैसे ही मौसम साफ होगा, यात्रा फिर गति पकड़ेगी। तीर्थयात्रियों को यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।”

अब तक दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या (30 अप्रैल से अब तक):

धाम तीर्थयात्री
केदारनाथ 14.80 लाख
बदरीनाथ 12.78 लाख
गंगोत्री 6.69 लाख
यमुनोत्री 5.86 लाख
हेमकुंड साहिब 2.49 लाख

सितंबर से यात्रा में फिर से तेजी की उम्मीद

आमतौर पर सितंबर माह में यात्रा फिर से रफ्तार पकड़ती है, लेकिन इस बार उत्तरकाशी की आपदा ने यात्रा की पुनः बहाली को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें मार्गों की बहाली में जुटी हैं।

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