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उत्तराखंड सरकार ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के तहत मिलने वाली सब्सिडी बंद करने का लिया फैसला 

उत्तराखंड सरकार ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के तहत मिलने वाली सब्सिडी बंद करने का लिया फैसला 

यह बदलाव 31 मार्च 2025 के बाद किए गए नए आवेदनों पर होगा लागू 

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के तहत घरेलू छतों पर सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाली राज्य की 51 हजार रुपये तक की सब्सिडी बंद करने का फैसला लिया है। अब उपभोक्ताओं को केवल केंद्र सरकार की अधिकतम 85,800 रुपये की सब्सिडी पर ही निर्भर रहना होगा। यह बदलाव 31 मार्च 2025 के बाद किए गए नए आवेदनों पर लागू होगा।

इससे पहले, योजना के तहत एक किलोवाट के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार 33 हजार और राज्य सरकार 34 हजार रुपये की सब्सिडी देती थी। दो किलोवाट पर केंद्र से 66 हजार और राज्य से 34 हजार, जबकि तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले प्लांट पर केंद्र से 85,800 और राज्य से 51 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी।

अब नई व्यवस्था में, यदि कोई उपभोक्ता तीन किलोवाट का सोलर प्लांट लगाना चाहता है, तो उसे लगभग 1,29,200 रुपये अपनी जेब से खर्च करने होंगे। पहले यही लागत 78,200 रुपये आती थी। यानी अब उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर 51 हजार रुपये तक का अतिरिक्त खर्च उठाना होगा।

राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला केंद्र सरकार के सुझाव पर लिया गया है, जिसमें राज्यों से अनुरोध किया गया था कि वे केंद्र की योजनाओं में अपनी सब्सिडी देने के बजाय, उस राशि का उपयोग अन्य स्थानीय योजनाओं में करें। इसके तहत यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) को निर्देश दिया गया है कि अब उपभोक्ताओं को आवेदन करते समय स्पष्ट रूप से बताया जाए कि राज्य की ओर से कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी।

हालांकि, प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2025 तक किए गए आवेदनों पर पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी और उन्हें राज्य सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

इस निर्णय से सोलर पैनल लगाने के इच्छुक उपभोक्ताओं को निराशा हो सकती है, क्योंकि अब उन्हें अधिक निवेश करना पड़ेगा।

वहीं इस फैसले पर वेंडरों ने रोष व्यक्त किया है | उनका कहना है की सरकार को इस फैसले पर लिखित रूप से आदेश जारी करने चाहिए।

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