Flash Story
देहरादून के दिल में बस गई ‘बेबी डू डाई डू’
देहरादून के दिल में बस गई ‘बेबी डू डाई डू’
डीएम ने की ई-आफिस प्रगति समीक्षा, तकनीकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के दिए निर्देश
डीएम ने की ई-आफिस प्रगति समीक्षा, तकनीकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के दिए निर्देश
नंबर प्लेट हटाकर सहारनपुर बेचने ले जा रहा था बाइक, ऑपरेशन प्रहार के तहत सहसपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
नंबर प्लेट हटाकर सहारनपुर बेचने ले जा रहा था बाइक, ऑपरेशन प्रहार के तहत सहसपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
यातायात सुधार एवं पार्किंग व्यवस्था को लेकर डीएम सख्त, माइक्रो लेवल प्लान तैयार कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
यातायात सुधार एवं पार्किंग व्यवस्था को लेकर डीएम सख्त, माइक्रो लेवल प्लान तैयार कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
एटीएम तोड़कर चोरी की कोशिश नाकाम, आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार
एटीएम तोड़कर चोरी की कोशिश नाकाम, आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार
17 जुलाई को देहरादून में राहुल गांधी करेंगे ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का उद्घोष, तैयारियों में जुटी कांग्रेस
17 जुलाई को देहरादून में राहुल गांधी करेंगे ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का उद्घोष, तैयारियों में जुटी कांग्रेस
SIR के दूसरे चरण में ERO/AERO लगाएंगे सुनवाई के लिए विशेष कैंम्प
SIR के दूसरे चरण में ERO/AERO लगाएंगे सुनवाई के लिए विशेष कैंम्प
उत्तराखंड की विकास यात्रा में सहयोग दें उद्योग समूह – मुख्यमंत्री
उत्तराखंड की विकास यात्रा में सहयोग दें उद्योग समूह – मुख्यमंत्री
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी की बैठक, प्रोजेक्ट को आकर्षक नाम देने और स्थानीय संस्कृति से जोड़ने के दिए निर्देश
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी की बैठक, प्रोजेक्ट को आकर्षक नाम देने और स्थानीय संस्कृति से जोड़ने के दिए निर्देश

कांग्रेस के लिए रामलला नहीं बाबर की मजार रही आस्था का केन्द्र – महाराज

कांग्रेस के लिए रामलला नहीं बाबर की मजार रही आस्था का केन्द्र – महाराज

देहरादून। अयोध्या में राम जन्मभूमि पर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में निमंत्रण के बावजूद भी कांग्रेस के शामिल न होने का बड़ा कारण यह है कि उसके शीर्ष नेतृत्व के लिए हमेशा से ही काबूल स्थित बाबर की मजार ही आस्था एवं श्रृद्धा का प्रमुख केन्द्र रही है। उक्त बात प्रेस को जारी अपने एक बयान में भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मंदिर ट्रस्ट के निमंत्रण के बावजूद भी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का शामिल न होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का पीढ़ी दर पीढ़ी काबूल स्थित बाबर की मजार से आस्था एवं श्रृद्धा का अटूट रिश्ता रहा है।

कांग्रेस सरकार में विदेश मंत्री रहे क़द्दावर नेता नटवर सिंह ने अपनी किताब ‘वन लाइफ़ इज नॉट एनफ़’ में स्पष्ट लिखा है कि 1959 में जवाहरलाल नेहरू, 1968 में इंदिरा गांधी, 1976 में राजीव गांधी और 2005 में राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह के साथ अफगानिस्तान में बाबर की कब्र का दौरा किया और कब्र पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इसलिए सनातन विरोधी कांग्रेस ने आमंत्रण मिलने के बाद भी रामलला के दर्शन करना उचित नहीं समझा।

नटवर सिंह ने अपनी पुस्तक में यह भी लिखा है कि इंदिरा गांधी बाबर की कब्र पर फूल चढ़ाने काबुल गई थीं और अफगानिस्तान में बाबर की कब्र पर इंदिरा गांधी ने दावा किया था कि वह उनके उत्तराधिकारी हैं और देश उनके नियंत्रण में है। यही कारण है कि कांग्रेस अपने सहयोगियों द्वारा सनातन धर्म के अपमान पर चुप्पी साध लेती है।

इसलिए आज हमें यह तय करना होगा कि देश की सत्ता को भगवान श्री राम में आस्था रखने वाले चलायेंगे या बाबर की मजार पर श्रृद्धा सुमन अर्पित करने वाले राम द्रोही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top